Thursday, 10 March 2016

ॐ गं गणपतये नमः



ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा॥

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